बिना किसी गर्भ निरोध का प्रयोग किये लम्बे समय तक सम्भोग क्रिया करने यानि की सेक्स करने के बाद भी गर्भ धारण ना कर पाने को प्रजनन क्षमता की कमी यानि की बांझपन कहते है | बदलती जीवनशैली और खानपान के चलते आज के समय में 30 की उम्र के बाद प्रजनन क्षमता में कमी आने लगती है लेकिन कई महिलाओ में 20 की उम्र के बाद भी प्रजनन क्षमता में कमी दिखाई देती है | ऐसे में डॉक्टर से सलाह तो जरुरी है लेकिन साथ ही आप आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों का उपयोग करके भी अपनी बांझपन का इलाज ( banjhpan ka ilaj )कर सकते है | ये उपयोग प्राकृतिक है और आजमाने में बेहद सरल होते है | तो आइये जानते है उन उपायों के बारे में |

infertility-treatment-in-hindi

बांझपन का इलाज है अनार | Banjhpan ka Ilaj Hai Anar

सबसे पहला उपाय है अनार | अनार कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है जिसकी वजह से प्राचीन काल से ही इसे बांझपन का इलाज ( banjhpan ka ilaj ) करने में इस्तेमाल किया जाता है |  प्राचीन पर्शिया में भी अनार को प्रजनन के प्रतिक के रूप में देखा जाता है | अनार शरीर में रक्त को बढ़ता है और गर्भाशय को पोषण प्रदान करता है | जिससे की गर्भाशय का  स्तर मोटा बनता है जो की भ्रूण के विकास के लिए बहुत जरुरी होता है | इसलिए रोजाना अनार का सेवन करें या सुबह शाम दोनों समय 1-1 कप अनार का जूस पिए |

ये भी पढ़ें : अनार के फायदे

infertility treatment in hindi

बांझपन का इलाज है बरगद के पेड़ की छाल | Infertility Treatment in Hindi

अगला उपाय है बरगद के पेड़ की छाल | आयुर्वेद में बांझपन का इलाज( banjhpan ka ilaj ) के रूप में बरगद के महत्व का उल्लेख किया गया है | यह प्रजनन में आने वाली रुकावटों को दूर करता है और प्रजनन क्षमता को बढ़ता है | इससे लाभ पाने के लिए बरगद की जड़ को पीसकर उसका 2 चम्मच पावडर पानी या दूध में डालकर लें | स्वाद के अनुसार इसमें मिठास के लिए चीनी मिला सकते है | इस उपाय को 6 महीने तक आजमाए | बस ध्यान रखे की मासिक धर्म के समय इसका सेवन नहीं करना है |

बांझपन का इलाज है दालचीनी | Banjhpan ka Ilaj

अब बढ़ते है अगले उपाय की ओर, जो है दालचीनी | दालचीनी बाँझपन के इलाज (dalchini se banjhpan ka ilaj )में बेहद फायदेमंद मानी जाती है | महिलाओ में होने वाला सबसे आम हार्मोनल विकार है पोलिसिस्टिक सिंड्रोम जिसमें अंडाशय संतुलन से बाहर हो जाते है और प्रजनन में रूकावट उत्पन्न करते है | और मासिक धर्म यानि की पीरियड के दौरान यह अत्यधिक रक्तस्त्राव का कारन भी बनता है | महिलाओ द्वारा मासिक धर्म  के चक्र को नियमित करने में दालचीनी का उपयोग किया जाता है | यह ना सिर्फ हार्मोनल प्रॉब्लम को दूर करता है साथ ही महिलाओ के गर्भधारण करने में भी मदद करता है |

infertility treatment in hindi

बांझपन का इलाज है जायफल | Infertility Treatment in Hindi

इसके अलावा जायफल से बांझपन का इलाज (banjhpan ka ilaj jayfal se ) किया जा सकता है | इसके लिए जायफल को कूट कर उसे छान ले | और उसमे बराबर मात्रा में मिश्री मिला ले | मासिक धर्म यानि की पीरियड आने के 3 दिन तक रोजाना हथेली भर जायफल और मिश्री का यह चूर्ण सेवन करे | इस दौरान खाने में केवल दूध और भात ही खाये |

इसलिए रोजाना 1 कप पानी में 1 चम्मच जायफल पावडर मिलाकर रोजाना इसका सेवन करना चाहिए | स्वाद बढ़ाने के लिए आप इसके साथ शहद का भी सेवन कर सकते है | इसके अलावा आप भोजन के साथ भी इसका सेवन कर सकते है | लेकिन ध्यान रखे 1 दिन में 2 चम्मच से अधिक सेवन ना करें |

ये भी पढ़ें : जायफल के फायदे

बांझपन का इलाज है सुपारी | Infertility Treatment in Hindi

बांझपन का इलाज में नागकेसर और सुपारी ( Banjhpan ke ilaj me nagkesar aur supari) को बराबर मात्रा में ले | फिर इनको पीसकर इनका चूर्ण बना ले | रोजाना 3 से 5 ग्राम की मात्रा पानी के साथ सेवन करें | इससे आप जरूर गर्भधारण कर पाएंगी |

हम उम्मीद करते है बाँझपन के इलाज (Banjhpan ka Ilaj ) की आज की यह जानकारी आपके लिए फायदेमंद सिद्ध होगी | आगे भी हम सेहत से जुडी ऐसी ही उपयोगी  जानकारी आपके लिए लाते रहेंगे | अगर आपको यह पोस्ट पसंद आयी हो तो इसे लाइक और शेयर करें | अगर आपके पास बांझपन का कारण और इलाज से सबंधित कोई सवाल या सुझाव हो तो कमेंट करें |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here