सभी योगासन को करने का अलग तरीका और अलग अलग लाभ होते है | योगासन की बात की जाये तो शीर्षासन ( sirsasana ) को सबसे कठिन माना जाता है | लेकिन जितना इसे करना कठिन है उतने अधिक शीर्षासन के फायदे ( sirsasana benefits in hindi ) है | साथ साथ ही अगर आप कुछ दिन तक लगातार अभ्यास करते है, तो शीर्षासन करना आसान हो जाता है |

 क्युकी यह आसन सर के बल किया जाता है इसलिए इसे शीर्षासन ( sirsasana ) कहते है | लेकिन शीर्षासन के सभी लाभों को पाने के लिए इसका सही तरिके से किया जाना जरुरी है | तो आज हम जानेंगे की शीर्षासन करने का सही तरीका, शीर्षासन के फायदे ( sirsasana benefits in hindi ) , और वे सावधानियां जो शीर्षासन करते समय रखनी चाहिए | साथ ही हम यह भी जानेंगे की किन लोगों को शीर्षासन नहीं करना चाहिए |

शीर्षासन करने का सही तरीका | Sirsasana Kaise Kare in Hindi

शीर्षासन( sirsasana ) का अर्थ होता  है शीर्ष आसान यानि की सर के बल किया जाने वाला आसान | इसे करने के लिए सबसे पहले एक साफ़ स्थान पर कम्बल या चद्दर आदि बिछा लें | अब वज्रासन की स्थिति में यानि की अपने घुटनो को मोड़कर अपने पैरो पर ही बैठ जाये | अब अपनी दोनों कोहनियो को मोड़कर जमीन पर समतल रखे |

इसके बाद अपने दोनों हाथ की उंगलियों को आपस में मिला लें | इसके बाद अपने सर को अपने दोनों हाथों की हथेलियों के बीच में रखकर सर के बल धीरे धीरे अपने शरीर को ऊपर की और उठायें | और धीरे धीरे पैरों को सीधा खड़ा कर लें | अब आपके पुरे शरीर का भार आपके सर पर आ जायेगा | अब थोड़ी देर के लिए इसी अवस्था में रुकें | इसके बाद धीरे धीरे अपने पैरों को नीचे लेकर आयें | इस तरह से यह एक चक्र पूरा हो जायेगा |

शीर्षासन के फायदे | Sirsasana Benefits in Hindi

  1. शीर्षासन से पाचन तंत्र स्वस्थ  रहता है |
  2. शीर्षासन करने से हमारे मस्तिष्क में रक्त का संचरण अच्छे से होता है, जिससे हमारी स्मरण शक्ति बढ़ती है |
  3. इससे हमारे शरीर की सभी मांसपेशिया मजबूत होती है, जिससे की शरीर मजबूत बनता है |
  4. शीर्षासन करने से बालों से सम्बंधित सभी परेशानियां दूर होती है , अगर आपके बाल अधिक झड़ते है तो झड़ना बंद हो जाते है , सफ़ेद बाल की समस्या से छुटकारा मिलता है |
  5. शीर्षासन करने से हर्निया और अंडकोष वृद्धि जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलता है |
  6. शीर्षासन करने से आपका मेटाबॉलिज्म संतुलित रहता है , जिससे की आपका मोटापा नहीं बढ़ता है |
  7. शीर्षासन करने से आपका तंत्रिका तंत्र मजबूत होता है |

शीर्षासन के समय रखी जाने वाली सावधानियां

  1. शीर्षासन तभी करें जब आप पूर्ण स्वस्थ हो |
  2. पहली बार शीर्षासन योग शिक्षक की देखरेख में करें |
  3. यदि आपको सर्वाइकल है या गर्दन में दर्द की शिकायत है तो शीर्षासन नहीं करना चाहिए |
  4. जिन लोगो का ब्लड प्रेशर अधिक रहता है उन्हें भी शीर्षासन नहीं करना चाहिए |
  5. जिन भी लोगों को आँखों से सम्बंधित कोई समस्या है, उन लोगो को भी शीर्षासन नहीं करना चाहिए |

हम उम्मीद करते है की शीर्षासन के फायदे ( sirsasana ke fayde in hindi ) का तरीका और शीर्षासन के फायदे आप जान गए होंगे |आज की यह जानकारी आपके लिए फायदेमंद सिद्ध होगी | आगे भी हम सेहत से जुडी ऐसी ही उपयोगी  जानकारी आपके लिए लाते रहेंगे | अगर आपको यह पोस्ट पसंद आयी हो तो इसे लाइक और शेयर करें | अगर आपके पास कोई सवाल या सुझाव हो तो कमेंट करें |

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