भारत में पुराने समय से ही कई तरह की बीमारियों में प्राकृतिक औषधियों और जड़ी बूटियों का इस्तेमाल किया जाता रहा है | ये जड़ी बुटिया और प्राकृतिक औषधियां बेहद कारगर है और इनका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता  है | ऐसी ही एक और्वेदिक तेल है टी ट्री ऑइल | आज के इस आर्टिकल Tea tree oil in hindi में हम जानेंगे की टी ट्री ऑइल क्या है और हमारे स्वास्थ्य के लिए टी ट्री ऑयल के फायदे क्या क्या है | 

टी ट्री ऑयल क्या है ?

इसके नाम से बहुत से लोगो को लगता है की यह चाय की पत्तियों से निकाला जाने वाला कोई तेल है | यह मूल रूप से ऑस्ट्रेलिया के  साऊथ ईस्ट क्वींसलैंड में पाए जाने वाले मेललुका ऑल्टनिर्फ़ोलिया टी ट्री से निकाला जाता है | इसे इस पेड़ के पत्तो से भाप द्वारा निकाला जाता है | इसमें कई तरह के एंटी सेप्टिक, एंटी वाइरल और एंटी
बैक्टीरियल तत्व पाए जाते है | 

आइये अब जानते है टी ट्री ऑयल के फायदों के बारे  में | 

त्वचा के लिए टी ट्री ऑइल के फायदे 

टी ट्री ऑयल के एंटी बैक्टीरियल तत्व त्वचा को स्वस्थ बनाने और कई तरह के संक्रमण से बचाने में बहुत ही उपयोगी है | मौसम बदलने का सबसे पहले प्रभाव हमारी त्वचा पर पड़ता है | वह सूखने  लगती और उस पर रैसेज पड़ने लगते है | ऐसे में अगर आप अपनी त्वचा पर टी ट्री ऑयल से मालिश करते है तो त्वचा का रूखापन दूर होता है और त्वचा कोमल और स्वस्थ बनती है | 

बालों के लिए टी ट्री ऑयल 

अगर आप चाहते है की आपके बाल काले घने और लम्बे बने तो ऐसे में टी ट्री ऑयल एक बहुत ही अच्छा विकल्प है | टी ट्री ऑयल की मालिश करने से यह आपके बालों की जड़ों में जाकर उन्हें मजबूत बनाता है | इसके लिए आप किसी भी तेल के साथ टी ट्री ऑयल की कुछ बुँदे मिलाकर उपयोग कर सकते है |  इससे आपके बाल लम्बे और घने बनेंगे साथ ही जिन लोगों के बालों में डेंडरफ की समस्या है वह भी इससे दूर होगी |

कील मुँहासे दूर होंगे 

चेहरे के कील मुँहासे और एक्ने दूर करने के लिए टी ट्री ऑयल के फायदे बहुत अधिक है | टी ट्री आयल के एंटी बैक्टीरियल और एंटी सेप्टिक गुण त्वचा की गंदगी को दूर करके कील मुहासों की समस्या को दूर करने में बेहद प्रभावकारी है | इसके लिए एक चम्मच दही और एक चम्मच शहद में 3 से 4 बुँदे टी ट्री ऑयल ड़ालकरअच्छे से मिला लें | इसके बाद अपने चेहरे पर इसे लगा लें | यह आपके चेहरे पर से असर दिखाता है |

मुंह को स्वस्थ बनाये रखने के लिए 

बहुत से हानिकारक बैक्टीरया मुँह के द्वारा हमारे शरीर में प्रवेश करते है | इन हानिकारक बैक्टीरिया को दूर करने के लिए आप टी ट्री आयल से कुल्ला करें | यह आपके मुँह और दांतो में फंसे हानिकारक बैक्टीरिया को  दूर करता है | इससे आपका मुँह स्वस्थ रहता है, और किसी भी तरह के हानिकारक बैक्टीरिया आपके शरीर में प्रवेश नहीं कर पाते है | 

घाव भरने के लिए

अगर आपकी त्वचा कभी कट जाये और वहां पर घाव हो तो ऐसे में आप घाव को जल्दी भरने के लिए टी ट्री ऑइल का इस्तेमाल कर सकते है | इसके लिए आप कटे स्थान पर रुई के फुहे पर 2-4 बूंदे टी ट्री ऑयल की डालें और उसे अपने कटे हुए स्थान पर लगाएं | इससे आपकी त्वचा का घाव तेजी से भरता है और आपकी त्वचा जल्दी ठीक हो जाती है|

शरीर की दुर्गन्ध दूर करने में लाभकारी है टी ट्री ऑयल

गर्मियों के मौसम में पसीना आने की समस्या आम है | लेकिन कुछ लोगो के  अधिक पसीना आता है साथ ही उसमें बहुत ही दुर्गन्ध आती है | जिसके कारण उन लोगों को शर्मिंदा होना पड़ता है | इस पसीने की बदबू का कारण शरीर पर मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया होते है  जो की शरीर की दुर्गन्ध का कारण होते है | अपने शरीर पर पसीने की इस दुर्गन्ध को आप टी ट्री ऑयल के इस्तेमाल से दूर कर सकते है | 

सेक्सुअल इन्फेक्शन को दूर करता है टी ट्री ऑयल

टी ट्री ऑयल एंटी बैक्टीरियल और एंटी बायटिक गुणों से युक्त होता है इस वजह से इसका इस्तेमाल करके आप कई तरह के सेक्सुअल बीमारियों और इन्फेक्शन को दूर कर सकते है | इसे सेक्सुअल बीमारी क्लैमिडिया के इलाज में भी लाभकारी माना जाता है | इसके लिए आपको इन्फेक्शन से  प्रभावित अंगो पर टी ट्री ऑयल को रुई के फुहे में लेकर लगाना चाहिए |

टी ट्री ऑयल के नुकसान 

टी ट्री ऑयल के अधिक इस्तेमाल से शरीर पर  जलन या रेशेज जैसे साइड इफेक्ट हो सकते है | 

त्वचा पर खुजली की शिकायत हो सकती है | 
कई मामलों में इससे एलर्जी भी हो सकती है | 
त्वचा पर लाल चकत्ते हो सकते है | 
इसका इस्तेमाल करते वक्त ध्यान रखें की यह आँखों में ना जाये | 

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