टाइफाइड बुखार के लक्षण और घरेलू उपचार | Typhoid Fever ke Lakshan aur Ilaj in Hindi

0
221
typhoid-treatment-in-hindi

अगर टाइफाइड बुखार के लक्षण (typhoid ke lakshan) को समझकर टाइफाइड का ईलाज (typhoid ka upchar) किया जाये तो इसे सही समय पर ठीक किया जा सकता है | आइए जाने की टाइफाइड बुखार क्या है ( Typhoid Fever in Hindi )। टाइफाइड बुखार का कारन साल्मोनेला टाइफी जीवाणु होता है | जब जीवाणु किसी पेय या भोजन के साथ शरीर में प्रवेश करता है इसके बाद यह आंतो और फिर खून में तेजी से फैलने लगता है | यह जीवाणु केवल इंसानो के इंसानो में ही पाया जाता है | और संक्रमित इंसान के मल से संक्रमित हुए पानी के पिने या खाद्य सामग्री के खाने से फैलता है |

टाइफाइड में शरीर में ज्वर होता है और शरीर का तापमान सामान्य से अधिक बना रहता है | टाइफाइड में यु तो एंटिबाइटिक दवाइयों से फायदा होता है लेकिन आप कुछ आसान घरेलू उपाय करके भी इसमें पूरी तरह ठीक हो सकते है | लेकिन टाइफाइड में घरेलू उपचार जाने उससे पहले टाइफाइड के लक्षण भी जानना जरुरी है | इस टाइफाइड रोग में शरीर में ज्वर होता है और शरीर का तापमान सामान्य से अधिक बना रहता है | टाइफाइड में यु तो एंटिबाइटिक दवाइयों से फायदा होता है लेकिन आप कुछ आसान घरेलू उपाय करके भी इसमें पूरी तरह ठीक हो सकते है | लेकिन टाइफाइड में घरेलू उपचार जाने उससे पहले टाइफाइड के लक्षण भी जानना जरुरी है |

टाइफाइड बुखार दुनिया भर में एक गंभीर खतरा बना हुआ है – विशेष रूप से विकासशील देशो में – हर साल अनुमानित 2 करोड़ 6 लाख  से अधिक लोगों को प्रभावित करता है। भारत, दक्षिण पूर्व एशिया, अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और कई अन्य देशो में यह बीमारी एक मुख्य समस्या है।

जानिए टाइफाइड के लक्षण | Typhoid Symptoms in Hindi

  1. टाइफाइड में शरीर का तापमान 102 डिग्री से ऊपर बना रहता है |
  2. शरीर में बहुत कमजोरी महसूस होती है |
  3. सर में दर्द, पेट में दर्द, उल्टी आने की साथ ही भूख भी कम लगती है कुछ भी खाने का मन नहीं करता है |
  4. शरीर पर लाल और गुलाबी चक्कते हो सकते है |
  5. पेट में कब्ज और दस्त की भी शिकायत टाइफाइड के दौरान होती है |

टाइफाइड में घरेलू उपचार | Home Remedies in Typhoid in Hindi

typhoid-treatment-in-hindi

टाइफाइड का इलाज पानी की पट्टी | Pani ki Patti se Typhoid ka Ilaj in Hindi

जब भी टाइफाइड में बुखार हो तो टाइफाइड का इलाज में पानी की पट्टी करें | ऐसा करने से शरीर के तापमान को वापिस सामान्य लाने में मदद मिलती है| इसके लिए किसी बर्तन में नल का पानी लें उसके बाद उसमे कोई सूती कपडा लेकर उसे उस पानी में गिला कर लें | अब उस पानी को निचोड़ दें और उस पट्टी को रोगी के सर पर रखें | अब थोड़ी देर में उस कपडे को हटाकर दूसरे कपडे को इसी तरह पानी में गिला करके उसे रोगी के सर पर रखें | थोड़ी थोड़ी देर में इस तरह बदलते बदलते पट्टियां करते रहें |

टाइफाइड का उपचार ओ आर एस घोल पिए | Typhoid Treatment O.R.S. Solution in Hindi

शरीर में पानी की कमी और पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए आप W.H.O. प्रमाणित O.R.S.  घोल पिए | ओ आर एस का घोल टाइफाइड का उपचार में बेहद फायदेमंद होता है | इसका दिन में 3 से 4 बार सेवन करना चाहिए | इसके अलावा दिन भर में अधिक से अधिक पानी पियें | क्युकी टाइफाइड में बुखार और दस्त होने से आपके शरीर में पानी की कमी हो जाती है | इसलिए डिहाइड्रेशन को रोकने के लिए दिन भर में 8 से 10 लीटर शुद्ध पानी पियें |

typhoid-treatment-in-hindi

टाइफाइड का उपचार प्याज का रस | Typhoid ka ilaj Pyaj ke ras se in Hindi

टाइफाइड के बुखार में सबसे प्रभावी उपाय है प्याज का रस | प्याज के रस से टाइफाइड का उपचार (typhoid bukhar ka ilaj) तेजी से होता है| टाइफाइड में प्याज का रस पिने से टाइफाइड के बैक्टीरिया खत्म होते है | और शरीर को तेजी से आराम मिलता है | अगर रोजाना बुखार चढ़ रहा है, तो मरीज को रोजाना ही प्याज के रस का सेवन करना चाहिए | ये टाइफाइड के साथ ही पेट दर्द और कब्जी की समस्या को  प्रभावी तरिके से दूर करता है |

ये भी पढ़ें : प्याज के फायदे

टाइफाइड का इलाज है लौंग | Typhoid Treatment With Cloves in Hindi

रोग टाइफाइड के ईलाज़ में लौंग ( Typhoid ka ilaj Laung se ) बहुत ही फायदेमंद होती है | लौंग का तेल शरीर से सम्बंधित कई तरह के उपचार में काम आता है | इसमें मौजूद एंटी इन्फ्लैमेन्ट्री तत्व टाइफाइड के बैक्टीरिया को निष्क्रिय करने में प्रभावी होते है | इसके लिए 4 से 5 लौंग को 2 लीटर पानी में उबालें | इसे तब तक उबालना है जब तक की यह आधा ना रह जाये | आधा रह जाने पर इसे छान लें | और थोड़े थोड़े अंतराल में इस पानी को पीते रहें | 2 सप्ताह तक आप इस उपचार को करें | टाइफाइड में उल्टी दस्त की समस्या में ये बेहद फायदेमंद होता है |

typhoid-diet-in-hindi

टाइफाइड का उपचार है केला | Banana is Beneficial in Typhoid Fever in Hindi

इस टाइफाइड का उपचार में केला बहुत ही फायदेमंद है | केला शरीर के लिए जरुरी पोषक तत्व प्रदान करता है | और साथ ही टाइफाइड के बुखार को भी कम करता है | केले में पेक्टिन और पोटेशियम पाया जाता है जो दस्त को रोकने में मददगार होते है साथ ही टाइफाइड से कमजोर हुए शरीर को एनर्जी भी प्रदान करते है | इसके लिए आप रोजाना 2 से 3 केले खाएं | या फिर 2 केलो को दही में मैश करके उसमे थोड़ा सा शहद मिलाकर खाये | यह नुस्खा टाइफाइड में बेहद लाभकारी है |

ये भी पढ़ें : केले के फायदे

टाइफाइड का इलाज है लहसुन | Typhoid Bukhar ke Ilaj me Lahsun in Hindi

लहसुन सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है साथ ही टाइफाइड का इलाज में लहसुन में बहुत ही लाभकारी है| टाइफाइड में भी इसके सेवन करने से जल्दी फायदा मिलता है | लहसुन में एंटीबायटिक गुण पाए जाते है | जो की टाइफाइड के बैक्टीरिया को खत्म करते है और शरीर को तेजी से आराम दिलाते है | साथ ही यह शरीर से विषैले पदार्थो को बाहर निकाल कर डिटॉक्सिफाइड करता है | इसके लिए रोजाना 2 कच्ची कली लहसुन का सेवन करना चाहिए |

ये भी पढ़ें : लहुसन के फायदे मरदाना ताकत बढ़ाने में

सेब का सिरका। Apple vinegar is good in Typhoid Fever in Hind

एप्पल साइडर सिरका में अम्लीय गुण होते हैं और टाइफाइड बुखार के लिए एक अच्छा घरेलू उपाय (typhoid ka gharelu upchar) है। यह उच्च बुखार को नीचे लाता है क्योंकि यह टाइफाइड से पीड़ित व्यक्ति के शरीर से गर्मी निकाले में सहायता करता है। इसमें ऐसे खनिज होते हैं जो एक ऐसे व्यक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं जो बीमार है और दस्त के कारण खोए पोषक तत्वों को वापस लेन में मदद करते है।

typhoid-diet-in-hindi
Take Detox Diet in Typhoid Fever

बहुत सारे तरल पदार्थ पिएं। Take Detox Diet in Typhoid Fever 

टाइफाइड रोगी को हर समय बहुत सारे तरल पदार्थ पीने से खुद को हाइड्रेट रखना चाहिए। तरल पदार्थ पानी, ताजे फलों का रस, हर्बल चाय आदि हो सकते हैं। पानी को जीवन के अमृत के रूप में जाना जाता है। यह हमें हाइड्रेटेड रहने में मदद करता है और यह स्वस्थ और रोग मुक्त जीवन के लिए पानी के स्तर को बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। टाइफाइड से डायरिया हो सकता है, इसलिए ताजा रस के सेवन से शरीर से विषाक्त पदार्थों और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में मदद मिलेगी। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने और जीवाणु संक्रमण से लड़ने के लिए आवश्यक पोषक तत्व भी प्रदान करता है।

ओट्स अच्छे होते है टाइफाइड में। Oats in Typhoid in Hindi

ओट्स एक संपूर्ण अनाज के रूप जाना जाता है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में एवेना सैटिवा के रूप में जाना जाता है। ओट ग्रेट्स, ओट्स का सबसे  संपूर्ण रूप, पकाने के लिए एक लंबा समय नहीं लगता है। इस कारण से, ज्यादातर लोग लुढ़का, कुचल या स्टील-कट जई पसंद करते हैं। तत्व से भरपूर (त्वरित) जई सबसे उच्च संसाधित किस्म हैं। जबकि वे पकाने के लिए सबसे कम समय लेते हैं, बनावट मूक हो सकती है।ओट्स को आमतौर पर ओटमील के रूप में नाश्ते के लिए खाया जाता है, जिसे ओट्स को पानी या दूध में उबाल कर बनाया जाता है। दलिया को अक्सर दलिया के रूप में जाना जाता है।यह पचने और खाने में अच्छे और ताकत देने वाले होते है। इस लिए यह टाइफाइड बुखार में अच्छे होते है। वे अक्सर मफिन, ग्रेनोला बार, कुकीज़ और अन्य पके हुए सामानों में भी शामिल होते हैं।

शहद से सही होते है टाइफाइड। Typhoid Treatment is Honey in Hindi

टाइफाइड में फायदा करता है शहद।  बस एक गिलास पानी में अमृत का एक बड़ा चमचा शामिल करें। अपने शरीर को उत्तेजित करने के लिए इसे अक्सर पिएं। यह पाचन क्षमता को इसी तरह बढ़ाता है। किशमिश और सूखी बेर तेज बुखार से तुरंत परिणाम पाने के लिए, सूखे बेर के 8-3 टुकड़े और 8-10 किशमिश भिगोएँ, शहद , और इस पानी को मिलाएं और सुबह खाली पेट इसका सेवन करें। 

हम उम्मीद करते है की टाइफाइड के लक्षण और टायफाइड का ईलाज(Typhoid Fever in Hindi) से सबंधित आज की यह जानकारी आपके लिए फायदेमंद सिद्ध होगी | आगे भी हम सेहत से जुडी ऐसी ही उपयोगी  जानकारी आपके लिए लाते रहेंगे | अगर आपको यह पोस्ट पसंद आयी हो तो इसे लाइक और शेयर करें | अगर आपके पास टाइफाइड बुखार के लक्षण और घरेलू उपचार से सबंधित कोई सवाल या सुझाव हो तो कमेंट करें |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here